Hindi Vyakaran: Hindi Grammar, Sampurn Hindi Vyakaran

Hindi Vyakaran

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Hindi Vyakaran, Hindi Grammar
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Sampoorn Hindi Vyakaran

अलंकार की परिभाषा, भेद और उदाहरण – Alankar In Hindiहिन्दी व्याकरण सीखें, हिन्दी ग्रामर, हिन्दी व्याकरण के बारे में वेब के हिन्दी व्याकरण पर! This site will teach you How To Learn Hindi Grammar, Hindi Vyakaran, Learn Hindi Grammar Online.

 Index Of Hindi Vyakaran

Hindi Vyakaran class 10

यह हिंदी भाषा के अध्ययन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें हिंदी के सभी स्वरूपों का चार खंडों के अंतर्गत अध्ययन किया जाता है; यथा- वर्ण विचार के अंतर्गत ध्वनि और वर्ण तथा शब्द विचार के अंतर्गत शब्द के विविध पक्षों संबंधी नियमों और वाक्य विचार के अंतर्गत वाक्य संबंधी विभिन्न स्थितियों एवं छंद विचार में साहित्यिक रचनाओं के शिल्पगत पक्षों पर विचार किया गया है। read more – Hindi Vyakaran

 यह पुस्तक प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी करने के लिए एक बहुत ही अच्छी पुस्तक मानी जाती है। जो छात्र NET, RAS, B.ED, PGT, RAILWAY, SI, ASI, MPPSC, या अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है तो उनके लिए Class 10 General Hindi Grammar Book pdf को download करना बहुत ही जरुरी है क्युकी इस पुस्तक को पढ़ना आपको आने बाली परीक्षाओं में सफलता दिला सकता है।

Hindi Vyakaran Book

  1. Lucent Hindi Vyakaran Book
  2. Hardev Bahari and Kedar Sharma Hindi Vyakaran Book
  3. Arihant Hindi Vyakaran Book
  4. Upkar Hindi Vyakaran Book
  5. Kiran Hindi Vyakaran Book
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संबंधवाचक सर्वनाम – sambandh vachak sarvanam

संबंधवाचक सर्वनाम –

जो सर्वनाम किसी दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से संबंध दिखाने के लिए प्रयुक्त हो, उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- जो करेगा सो भरेगा। इस वाक्य में जो शब्द संबंधवाचक सर्वनाम है और सो शब्द नित्य संबंधी सर्वनाम है। अधिकतर सो लिए वह सर्वनाम का प्रयोग होता है।

इन वाक्यो को देखिये –

  • जो कर्म करेगा फल उसीको मिलेगा।
  • जिसकी लाठी उसकी भैंस।
  • जैसा कर्म वैसा फल

जो‘ , ‘उसे‘ , ‘जिसकी‘ , ‘उसकी‘ , ‘जैसा‘ , ‘वैसा‘ इन सार्वनामिक शब्दों में परस्पर संबंध की प्रतीति हो रही है। ऐसे शब्द संबंधवाचक कहलाते हैं।

इस की परिभाषा –

 वह सर्वनाम शब्द जो किसी वाक्य में प्रयुक्त संज्ञा अथवा सर्वनाम के संबंध का बोध कराएं उसे संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे – ‘ जो’ , ‘सो’ , ‘उसी’ आदि।

सर्वनाम के 6 भेद हैं-

  1. पुरुषवाचक
  2. निश्चयवाचक
  3. अनिश्चयवाचक
  4. संबंधवाचक
  5. प्रश्नवाचक
  6. निजवाचक

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अनिश्चयवाचक सर्वनाम – Anishchay vachak sarvanam

अनिश्चयवाचक सर्वनाम –

जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति या पदार्थ का बोध नहीं होता, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- बाहर कोई है। मुझे कुछ नहीं मिला।

इन वाक्यो को देखिये –

  • कोई आ रहा है।
  • दरवाजे पर कोई खडा है।
  • स्वाद में कुछ कमी है।

कोई‘ , ‘कुछ‘ सर्वनाम शब्दों में किसी घटना या किसी के होने की प्रतीति हो रही है। किंतु वास्तविकता निश्चित नहीं हो रही है। अतः यह अनिश्चयवाचक है।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम की परिभाषा –

जो सर्वनाम शब्द किसी निश्चित व्यक्ति , वस्तु अथवा स्थान का बोध नहीं करवाता वह अनिश्चय वाचक कहलाते हैं।


सर्वनाम के 6 भेद हैं-

  1. पुरुषवाचक
  2. निश्चयवाचक
  3. अनिश्चयवाचक
  4. संबंधवाचक
  5. प्रश्नवाचक
  6. निजवाचक

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निश्चयवाचक (संकेतवाचक) सर्वनाम – nishchay vachak sarvanam

निश्चयवाचक (संकेतवाचक) सर्वनाम –

जो सर्वनाम निकट या दूर की किसी वस्तु की ओर संकेत करे, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- यह लड़की है। वह पुस्तक है। ये हिरन हैं। वे बाहर गए हैं। 

इन वाक्यो को देखिये

  • यह मेरी पुस्तक है।
  • वह माधव की गाय है।
  • वह राम के भाई हैं।

यह‘ , ‘वह‘ , ‘वह‘ सर्वनाम शब्द किसी विशेष व्यक्ति आदि को निश्चित संकेत करते हैं। अतः यह संकेतवाचक भी कहलाते हैं।

इस की परिभाषा

“जो सर्वनाम किसी व्यक्ति , वस्तु आदि को निश्चयपूर्वक संकेत करें वह निश्चयवाचक कहलाता है।”

निश्चयवाचक और पुरुषवाचक सर्वनाम में अंतर व समानता –

राम मेरा मित्र है , वह दिल्ली में रहता है — पुरुषवाचक (अन्य पुरुषवाचक )
यह मेरी गाड़ी है , वह राम की गाड़ी है। — निश्चयवाचक

सर्वनाम के 6 भेद हैं-

  1. पुरुषवाचक
  2. निश्चयवाचक
  3. अनिश्चयवाचक
  4. संबंधवाचक
  5. प्रश्नवाचक
  6. निजवाचक
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पुरुषवाचक सर्वनाम – purush vachak sarvanam with udaharan/example

पुरुषवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम वक्ता (बोलनेवाले), श्रोता (सुननेवाले) तथा किसी अन्य के लिए प्रयुक्त होता है, उसे पुरूषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- मैं, तू, वह आदि।इन वाक्यो को देखिये –

  • उसने मुझे बोला था कि तुम पढ़ रही हो।

उपर्युक्त वाक्य को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि , इस वाक्य में तीन तरह के पुरुषवाचक शब्द आए हैं। उसने मुझे  और तुम- अतः स्पष्ट होता है कि :

पुरुषवाचक तीन प्रकार के होते हैं 

(अ) – उत्तम पुरुष ,( ब)- मध्यम पुरुष व (स) – अन्य पुरुष।

(अ) – उत्तम पुरुष –

वक्ता जिन शब्दों का प्रयोग अपने स्वयं के लिए करता है , उन्हें उत्तम पुरुष कहते हैं। जैसे – मैं , हम , मुझे , मैंने , हमें , मेरा , मुझको , आदि।
इन वाक्यो को देखिये –

( ब)- मध्यम पुरुष –

श्रोता ‘ संवाद ‘ करते समय जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करता है उन्हें मध्यम पुरुष कहते हैं – जैसे – तू , तुम , तुमको , तुझे , आप , आपको , आपके आदि।
इन वाक्यो को देखिये –

(स) – अन्य पुरुष –

जिस सर्वनाम शब्दों के प्रयोग से वक्ता और श्रोता का संबंध ना होकर किसी अन्य का संबोधन प्रतीत हो। वह शब्द अन्य पुरुष कहलाता है जैसे – वह , यह , उन , उनको , उनसे , इन्हें , उन्हें , उसके , इसने आदि।
इन वाक्यो को देखिये –

पुरुषवाचक सर्वनाम की परिभाषा –

“जिन सर्वनाम का प्रयोग वक्ता श्रोता या अन्य के लिए किया जाता है वह पुरुषवाचक कहलाता है।”

सर्वनाम के 6 भेद हैं-

  1. पुरुषवाचक
  2. निश्चयवाचक
  3. अनिश्चयवाचक
  4. संबंधवाचक
  5. प्रश्नवाचक
  6. निजवाचक

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Sarvanam ke udaharan / example

सर्वनाम दो शब्दों के योग से बना है सर्व + नाम , अर्थात जो नाम सब के स्थान पर प्रयुक्त हो उसे सर्वनाम कहा जाता है।
कुछ उदाहरण से समझिये –

  • मोहन 11वीं कक्षा में पढ़ता है।
  • मोहन स्कूल जा रहा है।
  • मोहन के पिताजी पुलिस हैं।
  • मोहन की माताजी डॉक्टर है।
  • मोहन की बहन खाना बना रही है।

उपर्युक्त वाक्य में मोहन संज्ञा ) है इसका प्रयोग बार – बार हुआ है। बार – बार मोहन शब्द को दोहराना वाक्यों को अरुचिकर व कम स्तर का बनाता है। यदि हम एक वाक्य में मोहन ( संज्ञा ) को छोड़कर अन्य सभी जगह सर्वनाम का प्रयोग करें तो वाक्य रुचिकर व आकर्षक बन जाएंगे।
जैसे –
• मोहन 11वीं कक्षा में पढ़ता है।
• वह स्कूल जा रहा है।
• उसके पिताजी पुलिस हैं।
• और उसकी माताजी डॉक्टर हैं।
• उसकी बहन खाना बना रही है।
इस प्रकार हम संज्ञा के स्थान पर इस का प्रयोग कर सकते हैं।
सर्वनाम के 6 भेद हैं-

  1. पुरुषवाचक
  2. निश्चयवाचक
  3. अनिश्चयवाचक
  4. संबंधवाचक
  5. प्रश्नवाचक
  6. निजवाचक
Sarvanam ke udaharan, example
सर्वनाम

SARVANAM IN HINDI

SARVANAM IN HINDI

यह संज्ञा के स्थान पर आता है। संज्ञा और संज्ञा वाक्यांशों को आम तौर पर वह, यह, उसका और इसका जैसे सर्वनाम द्वारा प्रतिस्थापित कर सकते हैं, ताकि दोहराव या सुस्पष्ट पहचान के परिहार, या अन्य किसी कारण से. उदाहरण के लिए, वह राम है। वाक्य में शब्द वह सर्वनाम है, जो प्रश्नाधीन व्यक्ति के नाम की जगह पर मौजूद है। अंग्रेज़ी शब्द one और संज्ञा वाक्यांशों के हिस्सों की जगह ले सकता है, यह कभी-कभी संज्ञा के लिए मौजूद होता है।

हिंदी के मूल सर्वनाम 11 हैं-

जैसे- मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ

Hindi में Sarvanam के 6 भेद हैं-

  1. पुरुषवाचक
  2. निश्चयवाचक
  3. अनिश्चयवाचक
  4. संबंधवाचक
  5. प्रश्नवाचक
  6. निजवाचक
SARVANAM IN HINDI
सर्वनाम